बीमा मतलब क्या ?


मनोज सोनकर आरंग। हमारे यहां आरंग में अभी तक लोगों को बताना पडता है कि बीमा क्या है बीमा क्यों है और बीमा कैसे किया जाता है। आज सुबह मेरे पास एक खाता धारक आए थे अपने परम मित्र के साथ, उसने मुझे बीमा का एक और मतलब सीखा दिया। उनके हिसाब से बीमा कुछ नहीं सिर्फ पैसों की बर्बादी है। ग्राहक के दोस्त के हीसाब से ऐसा था जैसे बीमा अभी करों और षाम तक बीमा के पैसे मिल जाने चाहिए तब तो फायदा है। उनका कहना था की बीमा का पैसा हम जब चाहे तब मिलना चाहिए। मैंने उसे समझाने की बहुत कोषिष की परंतु उन्होंने मेरी बातों को ध्यान तक नहीं दिया। जैसे कि मैंने अपने ग्राकह को सारी जानकारी देकर 12 रूपए का प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा किया था जिसमें अग्रर ग्राहक की कोई दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है तो बीमा के तहत 2 लााख रूपए की सहायता राषि उनके नामनी को मिलता। अगर दुर्घटना में उनका एक हाथ या एक पैर भी अपाहित हो जाता तो उसे बीमा कंपनी की ओर से 1 लाख रूपए का बीमा मिलता। इसी प्रकार से मैंने अपने ग्राहक का 318 रूपए का अटल पेंषन योजना भी किया। जिसमें ग्राहक का उम्र 23 साल का था, और ग्राहक को 38 साल तक प्रतिमाह 318 रूपए खाते से कटने थे, ग्राहक के 60 वर्श उम्र होने के पष्चात 5000 प्रतिमाह पेंषन मिलना सुनिष्चित है। 

नासमझ दोस्त की दलिले

ग्राहक के दोस्त का कहना था कि ये जो बीमा है वह 60 साल के बाद मिलेगा तो क्या मतलब तब तक हम जिंदा रहेंगे या नही उनका भी कोई ठीकाना नहीं है। अगर जिंदा रहेंगे तो हमारे बच्चे हमें पाल पोस लेंगे और गर मर गए तो हमारे मेहन के कमाए हुए पैसे बैंक के हो जाएंगे, मैंने ग्राहक को प्यार से समझाया ऐसा कुछ नहीं हैं अगर 60 वर्श के पहले अगर जिनका पेंषन योजना में नाम है को कुछ होता है, तो योजना के तहत उनके नाॅमनी को बीमा रषि प्रदान की जाएगी। इसी लिए तो किसी भी प्रकार के बीमा के लिए नाॅमनी लिया जाता है।

आपके बाद आपके पिरवा का क्या होगा

बडी विडंबना है कि आज भी लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति और अपने परिवार की आर्थिक स्थिीती को लेकर सचेत नहीं है, आज भी उन्हें कोई दूसरा बता रहा है कि कौन सा बीमा उसके लिए सहीं है, जब्की होना ये चाहिए कि वे खुद अपने होके बीमा करने के लिए पहल करें। जहां तक मेरा मानना है कि बीमा कंपनी किसी मरे हुए को वापस तो नहीं ला सकती हां लेकिन इतना जरूर कहुंगा की बीमा कंपनी मृतक परिवार की ऐसे समय में आर्थिक मदद के लिए खडा रहता है जब हर कोई मृतक परिवार से अपने पैसे लेने के लिए देख रहा होता है। मुझे ऐसा लगता है कि अगर आपका बीमा नहीं है तो अगर आपकी किसी दुर्घना में मृत्यु हो जाएगी उसके बाद जरा सोंचिए कि आपकके परिवार के साथ क्या होगा। अगर ऐसा लगता है कि आपके जाने के बाद भी आपका परिवार वैसे ही जिवन बसर करेगा जैसे अभी करता है तो बेसक बीमा मत कराओं और कहीं ऐसा लगता है कि नहीं आपके जाने के बाद आपके परिवार को फर्क पडता है तो आज ही अपने नजदीकी बैंक में जाकर या पोस्ट आॅफिस जाकर बीमा कराए। इतने ध्यान से मुझे पडने के लिए धन्यवाद आपका जिवन सुभ हो।


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